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भारत के प्रमुक प्रक्षेपास्त्र Indian fighter planes,tanks and ships
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| Indian fighter planes,tanks and ships |
Indian fighter planes,tanks and ships
लड़ाकू विमान
तेजस
विश्व का सबसे छोटा हल्का बहुउद्देशीय सुपर सोनिक विमान सभी प्रकार के मौसम में हवा से हवा में हवा से धरती पर एवं हवा से समुद्र में मार करने में सक्षम है इसे 17 जनवरी 2015 को वायुसेना में शामिल किया गया रक्षा उपकरणों में सर्वाधिक जटिल उन्नत अत्याधुनिक विकास परियोजनाओं में से एक हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने पहली उड़ान 4 जनवरी 2001 को भरी |निशांत
इसे जमीन से 160 किलोमीटर की परिधि में नियंत्रित किया जा सकता है रडार की पकड़ में नहीं आता स्वदेशी तकनीकी से निर्मित पायलट रहित प्रशिक्षण विमान है |
लक्ष्य
इसका उपयोग जमीन से वायु तथा वायु से वायु में मार करने वाले प्रक्षेपास्त्र एवं तोपों से निशाने लगाने के लिए प्रशिक्षण देने हेतु किया जाता है यह पायलट रहित विमान है ,
स्वदेशी तकनीकी से डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है | 500 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से 40 मिनट से अधिक देर तक उड़ान भरने में सक्षम है 100 किलोमीटर के दायरे में रिमोट द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है इसका प्रयोग तीनों सेनाओं द्वारा किया जा रहा है
स्वदेशी तकनीकी से डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है | 500 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से 40 मिनट से अधिक देर तक उड़ान भरने में सक्षम है 100 किलोमीटर के दायरे में रिमोट द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है इसका प्रयोग तीनों सेनाओं द्वारा किया जा रहा है
राफेल
फ्रेंच कंपनी इन द साल्ट एविएशन द्वारा निर्मित चौथी पीढ़ी से आगे का विमान जो 2130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से 3700 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम हैसुखोई-30
रूस निर्मित विशव का आधुनिक किस्म का बहु प्रयोजन इयर लड़ाकू विमान है जिसे भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है इससे विभिन्न किस्म के 12 मिसाइल एक साथ दागी जा सकती हैं इसके अलावा इसमें 4000 किलोग्राम के वजन के शस्त्र अस्त्र भी ले जा सकते हैं
एच टीटी 40
2 सीटों वाले इस विमान का डिजाइन और विकास हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने किया है एचटीटी-40 धातु से बना टेंडम सीट वाला विमान है जिसमें 950 हॉर्स पावर का टर्बो प्रोप इंजन लगा है |
टैंक
अर्जुन
इसका विकास डीआरडीओ ने किया है 1408 पावर वाला यह टैंक अपने चारों ओर 360 डिग्री घूमकर अचूक निशाना लगाता है इस टैंक में एक विशेष प्रकार के फिल्टर के उपयोग के कारण जवानों की जहरीली गैसों एवं विकिरण प्रभाव से रक्षा होती है इस फिल्टर का निर्माण BARC ने किया है |टी 90
मध्यम श्रेणी का युद्ध टैंक है 50 टन से कम वजन का है एयर टैंक जैविक तथा रासायनिक आक्रमण की स्थिति में भी सक्रिय रहता है तथा बारूदी सुरंगों से भी का बचाव कर सकता है भारत ने रूस से कुछ टैंक t-90 खरीदे हैं शेष टैंकों का निर्माण भारत में अवाड़ी में किया जा रहा है |करण
डीआरडीओ द्वारा एयर टैंक अर्जुन टैंक तथा रूसी टी 72 टैंक की विशेषताओं को मिलाकर बनाया गया है यह मध्य श्रेणी का हल्का टैंक है जिसका वजन 48 टन है एयरटेल नाभिकीय जैविक एवं रासायनिक युद्ध सह सकता है तथा रात्रि में भी सक्रिय रह सकता है इस टैंक में विमान को ध्वस्त कर देने वाली मशीन गन लगी है |अर्जुन मार्क-2
भारत के स्वदेश निर्मित युद्ध टैंक का नवीन संस्करण अर्जुन मार्ग -2 का परीक्षण 2011 में हुआ | इसका वजन 66 टन , गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा है यह मिसाइल दागने में सक्षम है |
भीम
डीआरडीओ द्वारा थल सेना के लिए स्वचालित रूप का विकास किया गया है भीम की विशेषता यह है कि इस पर एक साथ 50 राउंड गोली रखे जा सकते हैं और इन्हें तोपों में भरने की स्वचालित व्यवस्था है |पनडुब्बियां
आई एन एस विक्रमादित्य
यह संबंधित कीव श्रेणी का विमान वाहक पोत है जिसकी क्षमता 45400 टन एवं गति 32 नॉट (59 किलोमीटर प्रति घंटा) है यह सेवेरो नवीन शक विंसक रूस में आयोजित समारोह में 16 नवंबर 2013 को कमीशंड किया गया 14 जून 2014 को इसे भारत के प्रधानमंत्री ने औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया |
आई एन एस सतपुड़ा
यह दूसरा स्वदेश निर्मित गुप्त युद्धपोत है P-70 युद्धपोत की श्रेणी में है दूसरा है जून 2004 में इसका जलावरण माझगाव बंदरगाह (मुंबई) में किया गया | इसके अंतर्गत विकास स्थल से थल और थल से हवा तक मिसाइल और उच्च तकनीक वाला रडार और संचार सामग्रियां शामिल हैं |आईएनएस विराट
विराट विक्रांत की अपेक्षा अधिक क्षमता वाला पोत है 28500टन भार और 27 फुट गहराई वाला विराट को ब्रिटिश रॉयल नेवी में एचएमएस आर्मीज के नाम से वर्ष 1959 में अधिकृत किया गया विराट के रूप में आर्मीज को मई 1987 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया विराट अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण के अलावा हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और समुद्र में छुपी पनडुब्बियों से बचाव की तकनीकी आदि से लैस है |
आईएनएस अरिहंत
पहली मैं निर्मित पहली परमाणु पनडुब्बी है
आई एन एस विक्रांत
जलावरण अगस्त 2013 को कोचीन में किया गया देश के प्रथम विमान वाहक पोत विक्रांत के नाम पर ही इस स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत का नामकरण किया गया इसकी लंबाई 260 मीटर और चौड़ाई 60 मीटर है यह मिग 29 के कमोव 31 हेलीकॉप्टरों आदि से लैस होगा |
आइए नाइस पिक विशाखापट्टनम
स्वदेशी तकनीकी से निर्मित युद्धपोत मजगांव डॉक लिमिटेड मुंबई ने इसका निर्माण किया है |
आई एन एस कलवारी
स्कॉर्पियन श्रेणी की पहली पनडुब्बी का 1 मई 2016 को पहली बार समुद्री परीक्षण किया गया यह स्वदेशी तकनीकी से निर्मित भारत की स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली स्टेल्थ पनडुब्बी है इस श्रेणी की पनडुब्बियों का विकास प्रोजेक्ट 75 के अंतर्गत किया जा रहा हैआईएनएस वैभव
यह 90 मीटर वर्ग में समुद्र की निगरानी जहाज ओपीवी श्रृंखला का तीसरा संस्करण है
मई 2013 को तूतीकोरिन में जलावतरण किया गया |


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